Prernadayak Shayari

watch_later Friday, 1 November 2019

नहीं ठहरती मुश्किलें जिंदगी भर जिंदगी में
हर मुश्किल का एक सुनहरा अंत होता है,
क्या हुआ जो खुशियों की पतझड़ है आज
पतझड़ के मौसम के बाद ही बसंत होता है।

ख़ाक जीना है जीना उनका
जिनकी जिंदगी में कोई असूल नहीं होता,
जिनकी चाहत ही न हो खुद को बदलने की
उनका कभी कोई रसूल नहीं होता।

कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ता
जीने के अंदाज बदल लेने से,
बस फासले मौत तक जिंदगी के
कुछ मजेदार से हो जाते हैं।

ये सारा जहाँ तेरा होगा एक दिन
तू सर आसमान और पैरों तले जमीन तो रख,
दौड़ कर आएँगी खुशियों तेरे घर की दहलीज पर
कुछ और नहीं बस तू खुद पर पूरा यकीन तो रख।

हमारे ही इशारों पर चलती है जिंदगी,
इसके हालातों में किसी का कोई कसूर नहीं होता,
रचते हैं वाही एक इतिहास नया
हार जाना जिन्हें कभी मंजूर नहीं होता।

आज अँधेरा है जिंदगी में तो
कल रौशनी की किरण भी आएगी
बदले हुए हालातों को देख कर
खिलने वाली हर कली मुस्कुराएगी,
कोशिशों का सफ़र तुम
यूँ ही जारी रखना पूरी शिद्दत से
मंजिल खुद-ब-खुद तुम्हारे
सामने आकार खड़ी हो जाएगी।

मंजिल मिले न मिले जिन्दगी में
कोशिशों से कुछ मुनाफा तो होगा,
घटेगी उम्र तो अफ़सोस क्या है
तजुर्बे में थोडा इजाफा तो होगा।

जरा सा हौसला करो तो
ये कायनात तुम्हारे साथ है,
अब लिखो या कोरा छोड़ दो इसे
जिंदगी की किताब तुम्हारे हाथ है।

वाही तोड़ता है रवायतें इस ज़माने की
जो कभी भी हालातों से डरता नहीं है
चलने वाला तो पहुँच ही जाता है
किसी न किसी मुकाम पर
लावारिस की मौत वो मरता है
जो कभी कहीं बढ़ता नहीं है।

उनके किस्से ज़माने भर के लोग कहते हैं,
जिन्दगी में हर चुनौती के लिए जो तैयार रहते हैं।

जिद होती है कोशिशों में
फितरत में न कोई बहाना होता है,
वही बढ़ते हैं जिंदगी के सफ़र में आगे
उन्हीं का जमाना दीवाना होता है।

वही करते हैं कुछ नया जिंदगी में
आगे बढ़ने के जज़्बात जिनके खून में हैं,
वही जानते हैं संघर्ष की कीमत
और वो मजा जो जीत के जूनून में है।

कदम बढाया है जो आगे तो रुकने का नाम न लो,
मत बैठो तुम थक कर जब तक विजय पताका थाम न लो।

उन्हीं के क़दमों में ये सारा जहाँ होता है
जिनका आशियाना बीच आसमान होता है,
फिर तो फितरत सी बन जाती है मुश्किलों से लड़ने की
और हर मुकाम पर पहुंचना आसान होता है।

कदम छोटे भी हों तो कोई फर्क नहीं पड़ता
बढ़ते रहें तो मंजिल नजदीक आती है ,
ख़ाक हो जाते हैं वो जो
अपने हालातों को मानते हैं किस्मत अपनी
हौसलें बुलंद हो तो किस्मतें बदल जाती हैं।

जरूरी नहीं कि हो जाए हर ख्वाहिश पूरी
उन ख्वाहिशों तक जाने वाले रस्ते भी हसीन होते हैं।

मंजिलें मैंने चुनीं हैं तो रस्ते भी मेरे होंगे
है रात अँधेरी तो क्या कभी अपने सवेरे होंगे,
सपने देखें हैं तो उन्हें पूरा भी करूँगा
अपनी सपनों की नगरी में होंगे बसेरे मेरे।

मेरी सोच को जो हिला न सके वो जज़्बात क्या है?
इन परेशानियों से जो हुयी हैं वो मुलाकात क्या है?
हम तो लिखने आयें हैं एक नई दास्तान धरती पर
मिटा सके जो वजूद हमारा जिंदगी की औकात क्या है?

जब हालातों का सामना करना मजबूरी हो जाता है
उस वक़्त
खुद से बघवत करना जरूरी हो जाता है।

खुशियाँ हो या गम हो हमें हर हाल में हँसना है,
पाना है अपनी मंजिलों को और एक नया इतिहास रचना है।

लोगों की बातों का हम पर कोई असर नहीं
कोशिशों में छोड़ी हमने कोई कसर नहीं,
बीत जाएगा वक़्त मुझे मेरी मंजिल मिल जायेगी
कह दो ज़माने वालों से यहाँ मेरा बसर नहीं।

तारों की सेज और चाँद का सिराहना हो
बीच आसमान में अपना ठिकाना होगा,
बस अब उड़ान में रफ़्तार बनाये रखना होगा
तभी तो क़दमों में ये जहान होगा।

मंजिल जो चुनी है उसे हर हाल में हासिल करना है,
मेरी कोशिशें नाकाम हो सकती हैं मेरे इरादे नहीं।

लड़खड़ा रहे हैं आज तो कल
अनुभवों का सहारा भी होगा,
आज गर्दिश में है तो क्या
कल चमकदार हमारा सितारा होगा।

क्या हुआ जो आज हमारे बस में
नहीं है किस्मत हमारी
हिला देंगे दुनिया एक दिन
इतना दमदार इशारा होगा।

दुनिया की सारी खुशियाँ
अपनी झोली में भर लूँगा
पहुँच जाएंगे एक दिन मंजिल पर
मैं अपने खवाबों को वो पर दूंगा।

इक दिन सुन लेगा वो कि
तुम होठों पर फ़रियाद रहने दो,
उड़ेंगे तभी तो पहुंचेंगे
ये ख्यालों के पंछी अपनी मंजिलों पर
तुम यूँ करों कि
इनको आजाद रहने दो।

क्या हुआ जो दौर
बदनसीबी का चल रहा है
साहब
कोयले से निकलकर ही
नायब हीरे तैयार होते हैं।

बनना है तेज तूफ़ान हमें, नदिया की धारा बनना है,
जिंदगी में किसी मुसीबत से हमको कभी न डरना है,
पथ चाहे कांटे बिछे हुए हों चाहे राह न कोई दिखे कभी
मंजिल पाने के लिए सदा हमको बस आगे चलना है।

जिनके पास होती है काम करने की चाहत
उन लोगों की किस्मत कभी नहीं सोती,
कर्म कर के ही सब बढ़ते हैं जिंदगी में आगे
आगे बढ़ने की कोई और सीढ़ी नहीं होती।

धूप हो कड़ी तो मन को तुम शांत रखना
करना जब भी मेहनत तो खुद को एकांत रखना
जिंदगी देगी हर वो चीज तुम्हें जो प्यारी है
बस अपने जमीर को न बेचने का तुम सिद्धांत रखना।

तूफानों से डर कर कभी बाज नहीं रहते
हार जाने वालों के सिरों पर ताज नहीं रहते,
वही उतारते हैं अपने ख्वाब को सच्चाई की दुनिया में
जिंदगी में किसी बहाने के जो कभी मोहताज नहीं रहते।



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