गुजरे पलों की परछाईं ने
अब तलक अन्धेरा कर रखा है जिंदगी में,
उसकी यादें खुशियों का
उजाला होने ही नहीं देती।
उसकी जुदाई का दर्द
ये दिल कुछ इस कदर सह रहा है,
बर्फ पिघल रही है यादों की और
जज्बातों का दरिया
आँखों से बह रहा है।
उसकी यादें किताबों में
आज भी संभल कर रखी हैं,
कहीं फूल, कहीं ख़त तो कहीं
तसवीर छिपा कर रखी है।
यादें ही लगाकर बैठा हूँ सीने से
जब से वो गया है मुझे तनहा छोड़कर,
यूँ तो पूरा जमाना मुझे हाथ भी न लगा सका
लेकिन वो चला गया मेरे हर जज़्बात तोड़कर।
तेरा मुझ पर ये अहसान है
कि
तूने मुझे अपनी दोस्ती से नवाजा है,
दूरी चाहे मीलों की है हमारे दरमियान
तेरी दोस्ती आज भी दिल में ताजा है।
गलियाँ पड़ी थी सूनी
आंगन पड़े थे सूने,
यारों की याद आई
और मैं लगा था रोने।
हमारी जिंदगी को कुछ लोग
दोस्त बन कर आबाद कर जाते हैं,
कहाँ जाते हैं फिर हमें छोड़ कर
वो तो हमारे जहन में घर कर जाते हैं।
तेरे बिना तो जीना
इक पल न हमें गवारा है,
अब तो बस तेरी यादें ही
मेरे जीने का सहारा हैं।
तेरी यादों में पागल होकर
हम अक्सर तुझको आवाज देते हैं,
हमें पता है अब तू नहीं मिलेगा ए दोस्त
फिर भी दुआ करते हैं तो तुझे मांग लेते हैं।
तेरी यादों में खोए रहते हैं
इस दुनिया से एक दूरी सी लगती है,
हो सके तो लौट आ ए दोस्त
तेरे बिना जिंदगी अधूरी सी लगती है।
दोस्तों के साथ बिताये पलों की
जब भी याद आती है,
उदास हो जाता है दिल
आँखें नम हो जाती हैं।
सुलझा लेते थे मिल बाँट कर
सब यार अक्सर उलझनों को,
अब तो सारी जद्दोजहद
हमारी जिंदगी पर भारी है।
हमारी दोस्ती की महक
तेरे ख्यालों की बगिया में आज भी महकती होगी,
इतना आसान कहाँ है भूल पाना मुझे
मेरी यादें तेरे सीने में अब तलक धड़कती होंगी।
जान से प्यारे दोस्त जब
जिंदगी के किसी मोड़ पर बिछड़ जाते हैं,
दिल खामोश, आँखें नम हो जाती हैं
वो जब भी याद आते हैं।
खुदा से उन्हें पाने की हम आज भी फ़रियाद करते हैं
अक्सर बीते लम्हों को जहन में आबाद करते हैं,
जिस्म तो मशीन बन गया है दोस्तों के जाने के बाद
मगर भूले नहीं है उन्हें हम हर पल याद करते हैं।
कुछ अहसासों का कर्जदार हूँ
कुछ उधार मुझ पर अभी बाकी है,
मिल जाएँ कहीं बिछड़े यार
तो मैं उनका हिसाब चुकता करूँ।
न वो आते हैं, न मुझे बुलाते हैं
न याद करते हैं, न ही भुलाते हैं,
जाने ये कैसे दोस्त हैं
जो बस हमको ही याद आते हैं।
वो यारों की मस्ती
वो शाम याद आती है,
कह दो वक्त से लौट आये फिर
अब तो बस हमारी जान ये जाती है।
जिंदगी के वो पल
मुझे अक्सर रुला जाते हैं,
बिछड़े हुए दोस्त
जब यादों में लौट आते हैं।
दोस्त होते हैं जिंदगी में
तो हर कमी पूरी हो जाती है,
बिना दोस्तों के तो
ये जिंदगी अधूरी हो जाती ।
बचपन के वो खेल-खिलौने
जवानी में की हुयी शैतानी,
याद मुझे अब आती है
अपने यारों की कहानी।
मेरे जीवन के हर पहलू में
तेरा भी एक है रंग रहा,
अब तू तो न है संग मेरे
पर तेरी यादों का है संग रहा।
सुबह शाम बस उसकी ही करते थे बातें
उसे पाने की सदा हमने खुदा से की फरियादें,
मगर उसे मंजूर न थी ख्वाहिश मेरी
अब कुछ बाकी रह गया है तो वो बस यादें
जुदाई का दर्द
मेरे सीने में
अब हर रोज पलता है,
आखिर कैसे भूल जाऊं उसे
उसकी यादों का कारवां
जहन में दिन रात चलता है।
उसके बिना कहाँ तन्भा हुआ हूँ मैं,
मेरे साथ चलता है आज भी
उसकी यादों का कारवां।
है दूर मगर बिन उसके
न कोई रात होती है,
मेरी यादों में उससे आज भी
मुलाकात होती है।
उसकी यादें ही सहारा हैं
मेरे अनाथ से जज्बातों के लिए,
वो तो कब के बिछड़ गए
जिन्होंने प्यार सिखाया था।
जब सोचा उतार दूँ कागज पर
जो मैंने है चोट खाई,
कलम उठाते ही
तेरी यादें लौट आयीं।
कोशिशें आज भी कर रहा हूँ
कि भुला दूँ तुझे,
मगर जब याद करता हूँ
तो खुद को भूल जाता हूँ।
तेरी यादों का जखीरा मेरे पास रह गया,
तू तो चला गया जिंदगी से मगर तेरा अहसास रह गया।
ढूंढ रहा हूँ मरहम तो मर्ज दे रही है,
जहन में बसी उसकी यादें मुझे दर्द दे रही हैं।
जब कोई जिंदगी में तनहा छोड़ जाता है,
यादें ही बाकी रह जाती हैं फिर
वो लौट कर कहाँ आता है।
जब भी कभी अकेले में तन्हाई मेरे पास आ जाती है,
किसी न किसी बहाने से तेरी याद आ जाती है।
दिन तो गुजर जाता है जिंदगी की भाग दौड़ में,
शाम ढलते ही
तेरी जहन में तेरी यादें दौड़ने लगती हैं।
यूँ ही नहीं हिचकियों से मेरा बुरा हाल हो रहा है
मेरी यादों में जरूर कोई बेहाल हो रहा है।
क्या बयान करूँ मैं
कि मेरी हालत क्या हो जाती है?
शाम ढले जब उसकी यादें मेरे बिस्तर पर आती हैं
भीग जाती हैं पलकें और होंठ सूख जाते हैं
सोने नहीं देती हैं फिर सारी रात जगाती हैं।
वो याद दिला रहे थे मुझे मेरे गुजरे हुए कल की
और ये दिल भूल गया था कहानी हर पल की।
करवटें रात भर हम बदलते रहते हैं
उसकी याद में हर पल जलते रहते हैं,
कुछ ये हालत हो जाती है दिल की
कि जज़्बात बनके अश्क पिघलते रहते हैं।