न कोई नियम न क़ानून है, बस आगे बढ़ने का ही जुनून है,
तू कितनी भी रुकावटें डाल-ए-जिंदगी,
हम न रुकेंगे जब तक हमारी रगों में उबलता खून है।
गम, दर्द, हर्ष, उल्लास तो इसके जाम हैं,
हर शख्स के लिए जाल बिछाना इसका काम है,
हर कोई चाहता है कि बना रहे इसका साथ,
मगर साथ छोड़ देती है ये, जिंदगी जिसका नाम है।
मिली है जिंदगी तो शान से जीते हैं,
खुशियों के जाम हर शाम को पीते हैं,
चेहरे पर मुस्कान देख कर धोखा मत खा जाना
कुछ जख्म भी हैं किस्मत में जिन्हें हम रोज सीते हैं।
जिंदगी के किस्से में न जाने कब मोड़ आता है,
वक़्त आता है तो पत्थर भी पिघल जाता है,
अपने हौसलों और जज्बों को बनाये रखना
जितना संघर्ष हो हुनर उतना ही निखर जाता है।
कभी न बुझती है वो प्यास है जिंदगी
निराशा को मिटाती एक आस है जिंदगी,
मिल जाती है खुशियाँ किसी को जहाँ भर की
तो किसी के लिए हर पल उदास है जिंदगी।
कुछ रो के गुजरी है, कुछ हंस के गुजरी है,
कभी सुलझी सी रही तो कुछ कशमकश में गुजरी है।
आगे बढ़ने की जिद, जिंदगी में सबको भगा रही है,
सपनों में दौड़ने वालों को, जिंदगी की ठोकरें जगा रहीं हैं।
डूबे हुए से हैं मझधार में, न कश्ती है न सहारा मिलता है,
जिंदगी के इस समंदर में बस मौत ही एक किनारा मिलता है।
तेरा दिया जख्म आज भी नासूर क्यों है?
मुझको बता ए जिंदगी मेरा कसूर क्या है?
पल भर की ख़ुशी देके ताउम्र गम दिए,
कुछ तो समझ में आये, तेरा दस्तूर क्या है?
डूबे हुए से रहते हैं
न कश्ती मिलती है न किनारा मिलता है,
एक ऐसा समंदर हैं जिंदगी
जहाँ मौत ही किनारा मिलता है।
न जी ही पा रहे है, न मौत ही है आती
न जाने दिल में ये कैसी ख्वाहिशें हैं जागी,
ये जिंदगी की राहें हैं, गुमशुदा सी जैसे
न जाने मेरी खुशियाँ है किस ओर को भागी।
न गम रहा कोई न कोई दर्द ही आज है
हर पल अब तो खुशियों का आगाज़ है,
सीख लिया है जब से धोखे और झूठ का खेल
तब से हर पल जिंदगी का हमारा खुशमिजाज है।
जरूरत तक ही अपना बना कर रखती है
वक़्त आने पर ये दुनिया विश्वास तोड़ देती है,
बेवफा तो ये जिंदगी भी है यारों
मौत आने पर ये भी साथ छोड़ देती है।
परेशानियों का हर लम्हा खुशियाँ लूटता है,
जिंदगी ख्वाब है ऐसा जो मौत आने पर ही टूटता है।
दिल में जो दर्द है उसकी आवाज नहीं आती
लबों पे तुमसे मिलने की फ़रियाद नहीं आती,
जबसे सिखा दिया तुमने जिंदगी जीने का अंदाज हमें
आँख भर तो जाती है मगर बह नहीं पाती।