सबको ताने मारना, है दुनिया की रीत ।
आगे बढ़ना सीख ले, अपना छोड़ अतीत ।।
अपने मन की सुन सदा, करता रह अभ्यास,
हिम्मत कभी न हारना, कर्म दिलाये जीत ।
जीवन में यदि हो गयी, किसी मोड़ पर हार ।
बिना शर्म करना उसे, सहर्ष ही स्वीकार ।।
कोशिश कभी न छोड़ना, गलती करना ठीक,
यही जीत का मंत्र है, मिलती विजय अपार ।
बिना यत्न मिलता नहीं, कभी जीत का ताज ।
कल पर कभी न छोड़िए, जो कर सकते आज ।।
जीवन में आगे बढ़ें, रहती जिनकी सोच,
सारा आलास त्याग दे, करे समय पर काज ।
करते रहो प्रयास तुम, लक्ष्य रखो बस एक ।
हृदय भरो उत्साह से, रखो इरादा नेक ।
जीवन में वह जीतता, रखता जो विश्वास,
किस्मत उसके सामने, घुटने देती टेक ।
घमंड कभी न कीजिए, कितना भी हो ज्ञान ।
बिना लक्ष्य हासिल किये, मिले नहीं सम्मान ।।
कर्म भाग्य बदले सदा, इतना रखना याद,
विजयी मानव को लगे, हर मुश्किल आसान ।
लक्ष्य रखो तुम सामने, क्षमता को पहचान ।
बाधाओं को पार कर, सदा रहो गतिमान ।।
संशय सारे त्याग दो, तभी मिलेगी जीत,
सच्चाई का साथ दो, बनो नेक इंसान ।
साथ समय के जो चले, करता रहे प्रयास ।
हिम्मत कभी न हारता, नहीं छोड़ता आस ।।
दुनिया क्या है सोचती, करता नहीं खयाल,
लड़कर वह है जीतता, रचे वही इतिहास ।