पानी हैं मंजिलें तो राहों का होना ही होगा
कुछ पाने के लिए जिन्दगी में कुछ तो खोना ही होगा,
बिना संघर्ष किसे मिलती है
कामयाबी यहाँ
तब तलक तो जिन्दगी का बोझ ढोना ही होगा।
नींद आँखों में कहाँ आती है
मैंने ख्वाब ही इतने ऊँचें सजाये हैं
कहाँ मिली हैं अभी खुशियाँ मुझे
कितने ही पल तो मैंने संघर्ष में बिताये हैं,
मिलेगा मुझे भी एक दिन
ये आसमान यकीन है मुझे
जिन्दगी में कितने ही अरमान
मैंने इस ख्वाब पर लुटाये हैं।
कुदरत का ये खेल पुराना है
हर एक को जीवन का मूल्य चुकाना है,
कोई धकेल रहा है, तो कोई कर रहा है संघर्ष
जन्म से शुरू हुए इस सफ़र को मौत तक पहुँचाना है।
अपने जीवन में जो इसे अपनाता है
वही मुकद्दर का सिकंदर कहलाता है,
संघर्ष ही वो हथियार है दोस्तों
जो एक इन्सान को उसकी पहचान दिलाता है।
बीतेगा ये दौर और
वो दौर भी बीत जायेगा,
संघर्ष की इस आंधी के बाद एक नया दृश्य आएगा,
डटे रहना मैदान में चाहे कितना भी शोर हो
एक दिन ये जमाना तुम्हारे गीत गायेगा।
बड़े बुजुर्गों का सबको बस एक ही परामर्श है,
खुशहाल जीवन पाने का रास्ता, बस एक संघर्ष है।
बिन मकसद जो जीता है जानवर तुल्य है वो इन्सान,
संघर्ष करे जो पाने को मंजिल, बनता है बस वही महान।
संघर्ष की राहों में कठिनाइयां तो आएँगी
जीवन का सच यही हमें बतायेंगी,
बढाते रहना कदम सब कुछ सहते हुए
एक दिन ये जिन्दगी खुशियों से सज जाएगी।
चलना पड़ता है अंगारों पर इतिहास रचाने को
बिना ताकत झोंके तो एक जर्रा भी हिल नहीं सकता,
संघर्ष ही दिलाता है एक इंसान को मुकाम उसका
बिन मेहनत के कोई फल मिल नहीं सकता।
न मिले जो मंजिल तो मुकद्दर की बात है
गुनाह तो तब हो जो जीवन में संघर्ष न रहे।
संघर्ष ही जीवन का मूल है
संघर्ष ही जीवन का असूल,
बिन संघर्ष खैरात मिले
वो है बराबर धूल।
ठहराव मौत और जीवन आगे बढ़ते जाना है,
सफ़र सुहाना उसी का है जिसने संघर्ष के महत्व को पहचाना है।
जागती आँखों के सपने भी जब सोते हुए सताने लगें
बावरा मन भी उन्हीं ख्यालों में वक़्त बिताने लगे,
तो जरूरत होती है संघर्ष कर उन ख्वाबों को
हकीकत में हासिल करने की
इस से पहले की वो सभी एक-एक कर
हमारा साथ छोड़ जाने लगें।
दायरा ख्वाबों का, हमारी सोच बताता है,
संघर्ष बताता है कि नीयत क्या है?
खुशियों की क्या औकात
कि मेरे घर का रास्ता भटक जाएँ,
एक दफा ये संघर्ष की
रात तो ढलने दो।
जिस दिन ख़त्म हुआ ये सफ़र संघर्ष का
अच्छे-अच्छों के दिमाग हिल जायेंगे,
ऐसा होगा फिर मेरी जिन्दगी का रसूख कि
सबको सबके सवालों के जवाब मिल जायेंगे।
गर्म मौसम में
घड़े का ठंडा पानी
कुछ और नहीं,है ये संघर्ष की कहानी
कहानी उस मिटटी की जिसे गूंथा गया,
पीटा गया और पकाया गया।
यूँ ही नहीं रोशन हुआ है चारों ओर नाम मेरा
जल रही है एक आग जो मैंने अपने सीने में जलायी थी,
दिन-रात सहेज कर रखी मैंने उस आग की जलन
उसी जलन में किये संघर्ष ने मुझे मेरी पहचान दिलाई थी।
वो क्या पा लेंगे अपने ख्वाबों का आसमान
जिनकी हद बस जमीन तक सीमित है,
यूँ ही नहीं मिल जाते ऐश और आराम जिन्दगी में
संघर्ष ही कामयाबी की होती कीमत है।
संघर्ष की कीमत जिन्दगी से कुछ ज्यादा नहीं,
मगर इससे जो हासिल होता है
शायद तुम्हें उसका अंदाजा नहीं।